भारत में पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बढ़ाकर E20 Fuel (20% Ethanol + 80% Petrol) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विदेशी तेल पर निर्भरता कम करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना है। तो आइये जानते हैं कि क्या वाकई में ARAI Report में E20 Fuel से E10 कारों के रबर पार्ट्स हो रहे damage?

ARAI Report: ARAI (Automotive Research Association of India) की एक रिपोर्ट को लेकर चर्चा शुरू हो गई है कि E20 Fuel के कारण कुछ कारों के रबर पार्ट्स प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्ट में BS-VI टर्बोचार्ज्ड इंजन को लेकर चिंता सामने आई हैं। टेस्टिंग के दौरान एक टर्बो इंजन में लगभग 265 घंटे बाद तकनीकी दिक्कत देखने को मिली है।
आखिर यह रिपोर्ट क्या कहती है? क्या सभी कार मालिकों को चिंता करनी चाहिए? आइए जानते हैं पूरी जानकारी।
E20 Fuel क्या है?
E20 Fuel ऐसा पेट्रोल है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल मिलाया जाता है। एथेनॉल एक बायोफ्यूल है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है।
सरकार का मानना है कि E20 Fuel से:
- पेट्रोल की खपत कम होगी।
- प्रदूषण घटेगा।
- किसानों को फायदा मिलेगा।
- आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम होगी।
ARAI report में क्या कहा गया?
ARAI Report: ARAI द्वारा किए गए परीक्षणों में यह सामने आया कि पुरानी या E20-Compatible न होने वाली गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाले कुछ रबर और प्लास्टिक पार्ट्स लंबे समय तक E20 Fuel के संपर्क में रहने पर प्रभावित हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार संभावित असर:
- Fuel Pipe में दरारें आने का खतरा।
- Rubber Seal का जल्दी घिसना।
- O-Ring कमजोर होना।
- Fuel Hose में लीकेज की संभावना।
- कुछ प्लास्टिक पार्ट्स का जल्दी खराब होना।
हालांकि यह समस्या हर कार में नहीं देखी गई। यह मुख्य रूप से उन वाहनों में अधिक हो सकती है जिन्हें E20 Fuel के लिए डिजाइन नहीं किया गया है।
किन कारों पर ज्यादा असर पड़ सकता है?
विशेषज्ञों के अनुसार:
- 2023 से पहले की कुछ पुरानी पेट्रोल कारें।
- ऐसे वाहन जिनमें पुराने प्रकार के रबर फ्यूल पाइप लगे हैं।
- लंबे समय से बिना सर्विस वाली गाड़ियां।
वहीं, अधिकांश नए मॉडल पहले से E20 Compatible बनाए जा रहे हैं और उनमें बेहतर गुणवत्ता वाले Rubber तथा Fuel System Components लगाए जाते हैं।
क्या नई कार मालिकों को चिंता करनी चाहिए?
यदि आपकी कार के Owner Manual में E20 Compatible लिखा है, तो आमतौर पर चिंता की जरूरत नहीं है। कार निर्माता पहले ही ऐसे Material का उपयोग कर रहे हैं जो Ethanol Blend Fuel को लंबे समय तक सहन कर सकें।
अगर आपकी कार पुरानी है तो क्या करें?
यदि आपकी कार 2023 से पहले की है तो ये सावधानियां रखें:
- Owner Manual जरूर पढ़ें।
- कंपनी से पता करें कि आपकी कार E20 Compatible है या नहीं।
- समय-समय पर Fuel Pipe और Rubber Seal की जांच कराएं।
- Fuel Leakage दिखाई दे तो तुरंत सर्विस सेंटर जाएं।
- केवल भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही Fuel भरवाएं।
| E20 Fuel के फायदे | नुकसान क्या हो सकते हैं? |
| प्रदूषण कम करता है | पुरानी कारों के Rubber Components जल्दी खराब हो सकते हैं |
| Carbon Emission घटाता है | Fuel Economy में हल्का बदलाव महसूस हो सकता है। |
| देश का Fuel Import Bill कम करने में मदद करता है | पुराने Fuel System में Maintenance Cost बढ़ सकती है। |
| Renewable Fuel को बढ़ावा देता है |
E20 Fuel भारत के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन सभी वाहनों की तकनीक एक जैसी नहीं होती। ARAI की रिपोर्ट यह नहीं कहती कि हर कार E20 Fuel से खराब हो जाएगी, बल्कि यह बताती है कि पुरानी और E20 Compatible न होने वाली गाड़ियों के कुछ Rubber Components पर लंबे समय में असर पड़ सकता है।
यदि आपकी कार नई है और कंपनी ने उसे E20 Compatible बताया है, तो चिंता की जरूरत नहीं है। वहीं, पुरानी कार मालिकों को नियमित सर्विस और Fuel System की जांच कराते रहना चाहिए।
Source: (ARAI स्टडी और NITI Aayog रिपोर्ट के हवाले से विस्तृत जानकारी) || (ARAI की अप्रकाशित रिपोर्ट का सार और मुख्य निष्कर्ष)
ध्यान दें: ARAI की पूरी (full) रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक (public) रूप से उपलब्ध नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह एक unpublished ARAI report है, जिसका हवाला सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियों ने लिया ह
